दिल पर आये इल्ज़ाम से पहचानते हैं, अब लोग मुझे तेरे नाम से पहचानते हैं।

दो पल की ये जिंदगी और दो इसके नियम, निखरो फूलों की तरह, बिखरो खुशबू की तरह।

बात ये नहीं है कि तेरे बिना जी नहीं सकते, बात ये है कि तेरे बिना जीना नहीं चाहते।

ठहर जा नजर में तू जी भर के तुझे देख लूं बीत जाए ना ये पल कहीं इन पलों को में समेट लूं।

कल तक सिर्फ एक अजनबी थे तुम, आज दिल इस पर हुकूमत है तुम्हारी।

दो पल की ये जिंदगी और दो इसके नियम, निखरो फूलों की तरह, बिखरो खुशबू की तरह।

हर जगह शामिल हो तुम मेरी जिंदगी में, कभी होठों की हंसी में कभी आँखों की नमीं में।

तेरी खुशबू से इतना वाकिफ हूँ तुझे हजारों में भी ढूंढ सकता हूँ।

Good Morning

बताने की बात तो नही है, पर बताने दोगे क्या, इश्क बेपनाह है तुमसे, मुझे हक जताने दोगे क्या।